Secret Story of Area 51

अक्सर लोग एरिया 51 को एलियन एक्सपेरिमेंटल साइट के रूप में देखते हैं कि एरिया 51 में एलियंस के ऊपर एक्सपेरिमेंट किए जाते हैं लेकिन यह बात कंस्पिरेशन से जुड़ी हुई है इसके दावों में कितनी सच्चाई है यह नहीं कहा जा सकता लेकिन जो बात दावे से कही जा सकती है वह मैं आपको जरूर बताऊंगा इस वीडियो में हम जानेंगे कि एरिया 51 को क्यों बनाया गया किसने बनाया इसकी सुरक्षा कैसे की जाती है और कैसे सोवियत यूनियन ने एरिया 51 को खड़ा करने में अमेरिका की मदद की किस तरीके से एरिया 51 से जानकारी को बाहर निकलने से रोका जाता है

Secret Story of Area 51

और इसमें काम करने वाले लोगों का सिलेक्शन कैसे होता है और कैसे एक इंटरनेट पोस्ट ने हजारों लोगों की भीड़ को एरिया 51 के दरवाजे पर लाकर खड़ा कर दिया जानेंगे ये सारी चीजें इसी वीडियो में कहानी की शुरुआत होती है जून 1943 यानी वर्ल्ड वॉर 2 का समय था जर्मनी ने दुनिया का सबसे पहला जेट फाइटर प्लेन मैसर स्मिथ दुश्मन देशों के आकाश में उड़ा दिया जिसने अमेरिका और उसके चेले चपा ों की नींद उड़ा दी अब यह सब देखकर अमेरिका कहां शांत बैठने वाला था अमेरिका ने लॉक हीड का कान पकड़ लिया और उनसे कहा मुझे एक फाइटर जेट बना कर दो लॉक हीड कंपनी को लॉकहीड मार्टिन मत समझ लेना लॉकहीड मार्टिन दो अलग-अलग कंपनियों को इकट्ठा लाकर बनाई गई है वैसे लॉकहीड और मार्टिन दोनों अलग-अलग कंपनियां हैं इसके बाद 143 दिन के अंदर लॉकहीड ने पी 80 शूटिंग स्टार नाम का एक फाइटर जेट बनाकर दे दिया हां ये सच में कमाल था 143 दिन के अंदर फाइटर जट कंप्लीट और इसके बाद एंट्री होती है मिग 15 की सोवियत यूनियन के मिग 15 की अब देखो भैया अगर किसी देश के पास अमेरिका से ज्यादा उन्नत टेक्नोलॉजी आ जाए तो अमेरिका के पेट में तो करो हमें सबसे बेहतर एयरक्राफ्ट बना कर दो और यहां से शुरुआत होती है एरिया 51 की अब क्योंकि ये एक सीक्रेट प्रोजेक्ट था यानी अमेरिका नई जनरेशन के एडवांस फाइटर जेट पर

काम कर रहा है ऐसी जानकारी दुश्मनों को ना मिल जाए तो इसीलिए नए फाइटर जेट्स की टेस्टिंग और उनका डिजाइन किसी गुप्त स्थान पर ही करना उचित था तो लॉकहीड ने अपने प8 शूटिंग स्टार के डिजाइन इंजीनियर कैली जॉनसन को अमेरिकी स्टेट नेवाडा में ऐसी जगह ढूंढने के लिए कहा जहां पर वो इस तरह की टेक्नोलॉजी डेवलप कर सके और लोगों से उसे छुपाया भी भी जा सके तो एरिया 51 की जो लोकेशन फाइनलाइज हुई वो कैली जॉनसन ने ढूंढी थी जो लॉक हिड कंपनी के डिजाइन इंजीनियर थे तो जी लॉन्ग स्टोरी शॉर्ट वर्ल्ड वॉर ट खत्म हो गई अमेरिका और उसके चेले चपा जीत गए जर्मनी का थैला पैक करके उन्होंने साइड में उसको ठिकाने लगा दिया जिसके हते जो चढ़ा वो लूट के अपने देश में ले गया अब आता है वर्ल्ड वॉर ट के बाद का समय जैसा कि आप जानते हो अमेरिका ने एटम बम फोड़ दिया था रशिया कौन सा कम था रशिया भी एडवांस टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा था क्योंकि जर्मन वैज्ञानिक तो रशिया के हाथ भी लगे थे अब जैसा कि आपको पता है अमेरिका के पेट में गुडगुड शुरू हो गई अमेरिका को

करनी थी सोवियत यूनियन की जासूसी लेकिन करें कैसे क्योंकि अगर कोई हवाई जहाज उन्होंने सोवियत यूनियन के एयर स्पेस में उड़ाया तो उसको टपका दिया जाएगा और इस समस्या से पार पाया एरिया 51 में बने पहले विमान यानी लॉकहीड के द्वारा बनाए गए पहले विमान य2 ने जो कि उस समय के हर विमान से बहुत ज्यादा ऊंचाई पर उड़ता था और उस समय के रडार उसको पकड़ पाने में सक्षम नहीं थे अब मुझे पता है आप में से बहुत सारे लोगों को उम्मीद होगी कि एरिया 51 का टॉपिक चल च रहा है तो कहीं तो थोड़ा बहुत एलियन आना चाहिए थोड़ा सा ही दिखा दो बिल्कुल दिखाते हैं क्यों नहीं दिखाएंगे देखो कैली जॉनसन वो पहले इंसान थे जिन्होंने यूएफओ देखने का दावा किया था यानी ये एरिया 51 से भी जुड़े हुए थे और इन्होंने यूएफओ भी देखा था इस चीज के ऊपर लकड कंपनी का एक सीक्रेट डॉक्यूमेंट सन 2013 में डी क्लासिफाई किया गया है जिससे मिलती-जुलती जानकारियां मैं आपको जरूर दूंगा अभी जो वेबसाइट आप देख रहे हैं इसका लिंक आपको पोस्ट और डिस्क्रिप्शन में अच्छा नहीं लगता हमें मैं मजाक नहीं कर रहा हूं सच में मेरे को मेल भेज के ऐसा ही कुछ कहा था कि लिंक शेयर मत करो ये स्पैम में आता है ठीक है भाई नहीं करने के और बहुत से तरीके हैं चलिए हमें अब तक दो सवालों का जवाब मिल गया पहला एरिया 51 को किसने बनाया तो वो थे कैली

जॉनसन और दूसरा एरिया 51 को क्यों बनाया गया अ मुझे पता है कि आप इसे एलियन से जोड़ना चाहते हो जोड़ लो कोई दिक्कत नहीं लेकिन एरिया 51 का प्राइमरी ऑब्जेक्टिव ऐसे फाइटर प्लेंस बनाना था जो ना तो रडार पर दिखाई दे और ना ही दुनिया की किसी भी टेक्नोलॉजी के द्वारा मार गिराए जा सके और इस सीक्रेट प्रोजेक्ट का नाम था ओक्वान प्रोजेक्ट ओक्वान जिससे जुड़ा हुआ डॉक्यूमेंट इस समय आप अपनी स्क्रीन पर देख पा रहे हैं चिंता मत करो whatsapp2 की हां जी कौन है ये तो जी ये थे फर्स्ट सेक्रेटरी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ सोवियत यूनियन के और इन्होंने बड़ी-बड़ी मिसाइल हट्ट कट्टे टैंक मजबूत फाइटर प्लेन परेड के दौरान दुनिया को दिखाकर अमेरिका की नींद उड़ा दी अब क्योंकि सोवियत यूनियन अपने मिलिट्री मसल दिखा रहा था जिसको दिखाने की जरूरत तो नहीं थी पर क्या करें जब मसल बड़े हो जाते हैं तो कपड़ों के अंदर से भी दिखाई देते हैं तो ठीक इसी तरह से सोवियत यूनियन के मिलिट्री मसल दिखाई तो दे रहे थे तो अमेरिका यह सोच रहा था आखिर ये डाइट में ले क्या रहे हैं तो तांक झाक करने के लिए यूट प्लेन अमेरिका सोवियत यूनियन के ऊपर उड़ाने लगता है फिर आता है वो दिन 1 मई 1960 सोवियत यूनियन टपका देता है अमेरिकी यूटू जहाज को टपका देता है जिसको टपकायालु एयर मिसाइल ने और अमेरिकी पायलट को कैप्चर कर लिया जाता है

आपको यकीन नहीं होगा जब अमेरिका को यह बात पता लगी तो अमेरिका ने यह कहा कि जी वो हमारा जो प्लेन था ना वो एक वेदर प्लेन था जो कि गलती से रास्ता भटक गया उसे पता ही नहीं लगा कि वो हजारों किलोमीटर सोवियत यूनियन में चला गया बताओ मिसाइल से मारने की क्या जरूरत थी प्यार से कहते उतर जाता एक वेदर प्लेन के साथ ऐसे कौन करता है जाओ रशिया हम पेरिस समिट में तुम्हारे से बात नहीं करेंगे पेरिस समिट कैंसिल अमेरिका और उसके वेस्टर्न अलाइज इस घटना के बाद इस तरह से बंदरों की तरह उछल रहे थे हालांकि मैंने ये सब कुछ मजाक के लहजे में बता दिया लेकिन एकएक घटना बिल्कुल सच है अपने प्लेन को मार गिराने के रोध में अमेरिका ने पैरिस समिट कैंसिल कर दिया था जिसमें जर्मनी के ऊपर बात होने वाली थी चलो जी लॉन्ग स्टोरी शॉर्ट अमेरिका का प्लेन गया उसका पायलट पकड़ा गया अमेरिका ने पैरिस समिट कैंसिल कर दिया और लॉक हीड के कान ऐठ

दिए और उनसे कहा मुझे ऐसा प्लेन बना कर दो जिसे कोई भी मिसाइल पकड़ना पाए और आप समझ गए होंगे अब जन्म होगा लॉक हीड के ब्लैक बर्ड का लेकिन वो एरिया 51 से कैसे जुड़ा हुआ है तो भैया उसकी टेस्टिंग डिजाइनिंग और असेंबली ये सब एरिया 51 में ही हुई थी हालांकि उसके र्जे पुर्जों को अमेरिका में अलग-अलग जगह बनाया गया था और ट्रकों में भर के एरिया 51 में ले जाकर असेंबल किया गया था चलो इससे पहले कि मैं आपको प्लेन के बारे में और बताऊं जरा एरिया 51 में जो लोग काम करते थे उन्हें रहने के लिए कैसी सुविधाएं मिलती थी उनका सिलेक्शन कैसे होता था और किस तरीके से वो गलती से भी कोई जानकारी लीक ना कर दें इसका ध्यान कैसे रखा जाता था एक बार इस पर बात कर लेते हैं फिर आगे चलेंगे अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट सीआईए और बाकी डिपार्टमेंट मिलकर एरिया 51 के लिए लोगों का चुनाव करते थे और उनका टेस्ट लेने के बाद लगभग कई म महीनों तक उनके ऊपर नजर रखी जाती थी कि उनकी सोशल लाइफ कैसी है वो कितने लोगों से मिलते हैं और एक बार तसल्ली हो जाने के बाद उन्हें एरिया 51 में भेजा जाता था एक बार एरिया 51 में एंट्री करने के बाद सबसे पहली चीज जो उन्हें सिखाई जाती थी वो यह कि यहां पर आप किस चीज के बारे में बात कर सकते हो और किसके बारे में नहीं इसके लिए एक स्पेशल क्लास होती थी वहां पर काम करने

वाले लोगों के लिए एरिया 51 एक ऐसी पहेली थी इसे आप इस उदाहरण से समझ सकते हैं कि एरिया 51 के जिस सेक्शन में आपको घूमने फिरने की आजादी थी काम करने की आजादी थी उसे छोड़कर आप किसी दूसरे सेक्शन में जा नहीं सकते थे चलो अब आगे के बारे में बात कर लेते हैं कि आखिर सोवियत यूनियन के द्वारा अमेरिकी विमान गिराने के बाद अमेरिका ने एरिया 51 में क्या किया तो अमेरिका ने एक और प्रोजेक्ट शुरू कर दिया जिसका नाम था प्रोजेक्ट ऑक्स कार्ट जिसके अंदर या तो ऐसा प्लेन बनाओ जिसे मिसाइल ना पकड़ पाए या फिर ऐसा बनाओ जिसे रडार ना ढूंढ पाए और काम शुरू हो जाता है अब क्योंकि ये प्लेन बहुत तेज रफ्तार पर उड़ने वाला था तो जाहिर सी बात है इसकी सतह गर्म होगी और अमेरिका में इस प्लेन को बनाने के लिए अरे मैंने तो आपको प्लेन का नाम ही नहीं बताया इसका नाम था a12 और ये जो ब्लैक बर्ड है अगर आप देखोगे तो a12 और ब्लैक बर्ड दोनों सेम से ही दिखेंगे पर दोनों के डिजाइन में और कैपेबिलिटीज में काफी फर्क था तो इसे बनाने के लिए जो मटेरियल चाहिए था जो हाई टेंपरेचर झेल सके वो था टाइटेनियम और कमाल की बात ये थी अमेरिका में टाइटेनियम इतना था ही नहीं तो किस देश के पास

टाइटेनियम था भरपूर मात्रा में था वो था सोवियत यूनियन अब सोवियत यूनियन अमेरिका को टाइटेनियम क्यों देगा जाहिर सी बात है बिल्कुल भी नहीं देगा क्योंकि सोवियत यूनियन खुद टाइटेनियम का इस्तेमाल करके अपनी सबमरीन बना रहा था तो अमेरिका ने बहुत सारी फर्जी कंपनियां खड़ी करी अलग-अलग जगह खड़ी करी और उन कंपनियों के जरिए सोवियत यूनियन से टाइटेनियम इंपोर्ट करा जिसको चुपके-चुपके एरिया 51 में ले जाकर a122 का निर्माण किया गया और सिर्फ यही कारण नहीं था देखो अगर मान भी ले अमेरिका सीधे-सीधे सोवियत यूनियन से ये कहता जी थोड़ा सा टाइटेनियम दे दो हम कुछ छोटा-मोटा प्रोजेक्ट बना रहे हैं हमें टाइटेनियम की जरूरत है तो ऐसा नहीं है कि सोवियत यूनियन बिल्कुल साफ-साफ मना कर देता टाइटेनियम तो देता लेकिन उसके कान खड़े हो जाते आखिर ये लोग टाइटेनियम का कर क्या रहे हैं पता लगाना पड़ेगा और अमेरिका नहीं चाहता था कि किसी को भी वो लोग क्या कर रहे हैं इस चीज के बारे में पता लगे तो इसीलिए ये जो फर्जी कंपनियों वाला ऑप्शन था ये काम कर गया अब चलो

आपको उस खंबे के बारे में बताता हूं जिसे यह कहकर बदनाम किया गया है कि एरिया 51 में इस खंबे की मदद से आउटर स्पेस में सिग्नल भेजकर एलियन से संपर्क किया जाता था ना रे बाबा ऐसा कुछ भी नहीं है बल्कि ये जो खंबा है इसके ऊपर इन एयरक्राफ्ट्स को लगाकर इनके द्वारा रिफ्लेक्ट किए जा रहे रडार सिग्नल्स को मॉनिटर किया जाता था मोटा-मोटा मतलब ये निकला एयरप्लेन बनाओ और यह पता लगाओ कि वो रडार प पकड़ा जाएगा कि नहीं कैसे पता लगाएं उसको उठाओ खंभे पर लगाओ और चारों तरफ से रडार के सिग्नल छोड़ो अब अगर वो रडार प दिखाई देगा तो इसका मतलब गड़बड़ है और अगर दिखाई नहीं दे रहा है तो एक हवाई जहाज को बिना उड़ाए हमने यह पता लगा लिया कि उसका डिजाइन और मटेरियल बिल्कुल परफेक्ट है बस इतना ही काम था चलो एक मजे की बात बताता हूं a12 को उड़ाने वाले जो पायलट थे उन्हें पायलट नहीं बुलाया जाता था बल्कि ड्राइवर बुलाया जाता था हां जी यानी a12 से जुड़े हुए जितने भी काम थे उन सबका एक कोड नेम था पायलट को ड्राइवर बुलाना प्लेन वन का कोई दूसरा नाम था प्लेन टू का कोई दूसरा नाम था मतलब हर चीज को कोड नेम से बुलाया जाता था और यहां तक कि a2 को उड़ाने वाले ड्राइवर मैं भी ड्राइवर ही कहूंगा तो a2 को उड़ाने वाले ड्राइवर तक को ये बात नहीं पता थी कि आखिर जब वो इसे लेकर

उड़ेगा तो उसे जाना कहां है मतलब एक बार वह इसे लेकर हवा में पहुंच गया तो उसे बार-बार रेडियो पर गाइड किया जाता था कि भैया इतनी डिग्री पर मुड़ जाओ इतने किलोमीटर चले जाओ ये कर लो वो कर लो रफ्तार इतनी कर लो इतनी ऊंचाई पे जाओ इतनी नीचा पे आ जाओ ये सारी चीजें रेडियो पर बताई जाती थी पहले से कोई भी इंफॉर्मेशन नहीं दी जाती थी चलो अब एरिया 51 से जुड़े हुए एक और प्रोजेक्ट के बारे में जान लो प्रोजेक्ट डोनट अब हुआ क्या था वियतनाम में वॉर चल रही थी और अमेरिका के द्वारा एक मेग 21 विमान गिराने में लगभग पांच एयरक्राफ्ट की बलि दी जा रही थी थी यानी उस समय मेग 2 कि अमेरिका के हर विमान से ज्यादा सक्षम था अब अमेरिका को जानना था कि आखिर मेग किस में ऐसा क्या खास है तो भैया किसी तरीके से इजराइल के हाथ एक मिग 21 विमान लग गया और अमेरिका इजराइल से उस मेग 21 विमान को एरिया 51 में ले आया और शुरू करी इसकी जांच पड़ताल और मिग 21 विमान को इजराइल से अमेरिका लाकर उसकी जांच पड़ताल को जिस प्रोजेक्ट का नाम दिया गया था वो था प्रोजेक्ट डोनट इसके बाद अमेरिका ने एरिया 51 में क्या किया कौन-कौन से हथियार बनाए किनकी टेस्टिंग की कैसे प्लेन बनाए इस सारी जानकारी को नेशनल सिक्योरिटी के नाम पे क्लासिफाई कर दिया मतलब अब तक मैंने आपको जो भी बताया ये पब्लिक

डोमेन में मौजूद है और इसके बाद की जानकारी पब्लिक डोमेन में नहीं है लेकिन एक घटना के बारे में और बताता हूं आपको याद होगा कि दुनिया की सबसे पहली आर्टिफिशियल सेटेलाइट सोवियत यूनियन ने उड़ा दी थी और इस सैटेलाइट ने अमेरिका की नींद क्यों उड़ाई थी उसका कारण था एरिया 51 क्योंकि अमेरिका एरिया 51 में काम कर रहा था और सोवियत यूनियन के द्वारा बनाई गई ये सैटेलाइट अमेरिका के स्पेस में उड़ रही थी मतलब ऊपर से निकल रही थी तो उन्हें डर था कभी ये एरिया 51 की जासूसी ना कर ले और आपको जानकर यकीन नहीं होगा कि अमेरिका इस चीज का ध्यान रखता था कि किस समय सोवियत यूनियन की सैटेलाइट उनके एयर स्पेस यानी के एयर स्पेस तो नहीं कहूंगा उसे मतलब अमेरिका के ऊपर से गुजरेगी और उस समय वो एरिया 51 में कोई भी काम नहीं करते थे अब जरा सुरक्षा की बात कर लेते हैं तो देखो भैया एरिया 51 में रडार कैमरे मैग्नेटिक सेंसर इलेक्ट्रिकल फेंसिंग इंफ्रारेड कैमरा और भी दुनिया के तमाम तामझाम लगाए गए हैं ताकि कोई भी एरिया 51 में एंट्री ना कर सके 3800 एकड़ का ये

रेगिस्तान का टुकड़ा एयरफोर्स ने कब्जा रखा है जिसके ऊपर से उड़ना इल्लीगल है और एंट्री तो मिलने ही नहीं वाली लेकिन एक दिन कुछ बड़ा अजीब हुआ मैटी रॉबर्ट्स नाम का एक लड़का अपने एरिया 51 पे धावा बोलने के लिए तैयार हो जाते हैं यानी लोगों ने ऑनलाइन कसमें वादे खा लिए थे अब देखो आप तो जानते ही हो ऑनलाइन चीजें कैसी होती हैं अब भैया मैटी रॉबर्ट्स ने ये पोस्ट डाल तो दी लेकिन एफबीआई इसके दरवाजे पे आ जाती है और पकड़ के इसे बैठा लेती है बेटा ये क्या किए हो काहे लोगों को भड़का हो अब अभी के अभी अगर हम लोग तुमको गायब कर दे तो बताओ इनमें से कौन बचाने आएगा तुम्हें तो जरा शराफत दिखाओ और एक और पोस्ट लिखो और लोगों से कहो कि तुमने मजाक किया है और यह बंदा बिल्कुल ऐसे ही करता है कहता है मैं तो मजाक कर रहा था जी हम नहीं जा रहे वहां पर प्लान कैंसिल लेकिन भैया गड़बड़ हो चुकी थी अब लोग ना सुनने वाले थे लोगों ने

मन बना लिया था कि वो एरिया 51 पे धावा बोलेंगे अब ये सारी चीज देखकर चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डेविड गड फेन न्यूज़ वालों को इंटरव्यू देते हैं और कहते हैं हमारे देश के कुछ सीक्रेट हैं और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए जो भी करना पड़ेगा हम करेंगे अगर कोई एरिया 51 में आता है तो उसे ठिकाने लगा दिया जाएगा अब जैसे-जैसे वो डेट नजदीक आ रही थी जिस दिन एरिया 51 में धावा बोलना था उससे कुछ समय पहले दो डच यूट्यूब एरिया 51 में घुस जाते हैं जिन्हें पकड़ लिया जाता है और उन्हें जेल हो जाती है मैसेज बिल्कुल क्लियर था एरिया 51 से दूर रहो इवेंट शुरू होता है लोग एरिया 51 में जाने के लिए शहर के आसपास इकट्ठा होना शुरू हो जाते हैं और डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस एक पोस्ट करता है twitter’s और एक बॉम्बर विमान को दिखाया जाता है मैसेज बिल्कुल साफ था कि अगर एरिया 51 को बचाने के लिए अपने ही नागरिकों पर उन्हें बॉम गिराने पड़े तो वो पीछे नहीं हटेंगे हालांकि यह पोस्ट थोड़ी देर बाद ही डिलीट हो गई थी लेकिन तब तक ये वायरल हो गई थी

अब भैया तारीख आ जाती है 20 सितंबर की लोग आते हैं इकट्ठे होते हैं नाच गाना गाजा बाजा करते हैं एलियन बनके घूमते हैं मतलब जितनी नौटंकी हो सकती थी सारी दिखाते हैं एक दो लोगों को पुलिस पकड़ लेती है बाकी अपना शांति में यह दिखाकर कि देखो हम एरिया 51 तक आ गए और सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर वहां से निकल जाते हैं मतलब दोनों की इज्जत बच जाती है सरकार की भी और लोगों की भी अब ये थी एरिया 51 की वो कहानी जो सीआईए के डॉक्यूमेंट से लोगों के सामने आई है अब बात करते हैं उस हिस्से की जिसको प्रूव नहीं किया जा सकता यानी कि बॉब लेजर वाली थ्योरी की बॉब लाजार ये वो वैज्ञानिक है जिसने एरिया 51 को एलियन से जोड़ दिया है बॉब लाजार के हिसाब से एरिया 51 में ऐसे स्पेसशिप मौजूद हैं जिन पर रिवर्स इंजीनियरिंग करके अमेरिका नई-नई टेक्नोलॉजी बना रहा है हालांकि इस चीज को साबित नहीं किया जा सकता और इंटरनेट पर इसके बारे में बहुत सारी वीडियो अवेलेबल है तो मैं इस फालतू की माथा पच्ची में नहीं जाऊंगा पर एक चीज मजे की जरूर बताता हूं बॉब लाजार के हिसाब हिब से उन्होंने एरिया 51 में काम किया है एलियन टेक्नोलॉजी पे काम किया है

और सीआईए के हिसाब से भैया बॉब लाजार कौन हम तो उसे जानते भी नहीं है यह बंदा कभी नहीं आया एरिया 51 में और यही वो इंसान है जो कई सालों तक दुनिया के सामने से गायब हो गया था यह क्लेम करने के बाद गायब हो गया था कि सीआईए एलियंस के ऊपर एक्सपेरिमेंट कर रही है मतलब जिस मिस्टीरियस वैज्ञानिक की बात की जाती है जिसने क्लेम किया था कि एरिया 51 में एलियंस हैं ये वैज्ञानिक बॉब लाजार ही है और यही गायब हुए थे हालांकि कि इनमें से किसी भी चीज को प्रूव नहीं किया जा सकता तो चलो जी यह थी छोटी-मोटी जानकारी एरिया 51 से जुड़ी हुई इस वीडियो से जुड़े हुए जितने भी डॉक्यूमेंट हैं

 

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